• SECL और NKC के जिम्मेदार अधिकारी रोजगार मामले पर वर्षों से कर रहे छत्तीसगढ़ियों के साथ शोषण और अत्याचार.
• CKS की चेतावनी– 07 दिनों के भीतर बेरोजगारों को नीलकंठ कंपनी में करें भर्ती अन्यथा होगी उग्र आंदोलन.
जावेद अली आज़ाद/ ब्यूरो छत्तीसगढ़
कोरबा । एसईसीएल कुसमुंडा कोयला खदान में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी नीलकंठ अक्सर विवादित सुर्खियों में रहा है कुसमुंडा एसईसीएल और नीलकंठ कंपनी प्रबंधन के सांठ–गांठ से कोयला खदान में रोजगार संबंधित मामले पर उदासीनता और लापरवाही को लेकर भू–स्थापित और स्थाई निवासियों तथा गैर राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्तिसेना में भारी आक्रोश देखने को मिला। अन्य प्रांत के बाहरी लोगों को कंपनी में भर्ती कर वर्षों से काम करवाया जा रहा है स्थानीय बेरोजगारों की उपेक्षा की जा रही है। जिस मामले को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़िया क्रान्तिसेना के कार्यकर्ताओ और सैकड़ो आक्रोशित रोजगारों ने कुसमुंडा छत्तीसगढ़ महतारी अंगना में एकत्रित होकर कंपनी के विरुद्ध रैली प्रदर्शन कर कुसमुंडा स्थित कबीर चौक के बीच चौराहे पर दिनांक 09.11.2025 को नीलकंठ कंपनी के एच आर. मुकेश सिंह का पुतला दहन किया।


कुसमुंडा आउटसोर्सिंग नीलकंठ कंपनी के (एचआर.) मुकेश सिंह का किया पुतला दहन–
एचआर मुकेश सिंह का पुतला दहन का वीडियो क्लिप, सोशल मीडिया पर वायरल होने से आनन फानन में एसईसीएल कुसमुंडा अधिकारियों ने पुलिस बल का मदद लेकर छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना से त्रिपक्षीय वार्ता करने का आग्रह किया। जिस बीच रोजगार संबंधित मामले पर कुसमुंडा जीएम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। त्रिपक्षीय वार्ता में विस्तृत चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सकारात्मक सहमति बनी। बावजूद संगठन ने स्पष्ट कहा कि यदि आगामी 07 दिनों के भीतर नीलकंठ कंपनी में बेरोजगारी की भर्ती नहीं की गई तो नीलकंठ कंपनी में तालाबंदी कर इस बार और अधिक उग्र आंदोलन होगा।
इस आंदोलन में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष दिलीप, प्रदेश संगठन मंत्री उमा गोपाल, जिला संयोजक अतुल दास महंत, जिला अध्यक्ष अलेक्जेंडर टोप्पो, जिला संगठन मंत्री गंभीर दास महंत, जिला सचिव विनोद सारथी, जिला सह सचिव बसंत दास महंत, जिला संगठन प्रभारी राजेश साहू, जिला प्रभारी हेमंत नामदेव एवं नरेश दास महंत, तथा खंड अध्यक्ष कैलाश साहू व प्रमोद डिक्सेना सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं ड्राइवर संघ के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदर्शन के उपरांत त्रिपक्षीय वार्ता की सहमति बनी जिस दौरान एसईसीएल जीएम कार्यालय में त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित की गई, जिसमें नीलकंठ कंपनी के अन्य सहयोगी, जिला व पुलिस प्रशासन, एसईसीएल प्रबंधन और छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के पदाधिकारी, ड्राइवरों की टीम तथा भू-विस्थापित प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने स्पष्ट कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में छत्तीसगढ़ियों के हित के लिए किसी भी स्तर पर कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी। लगातार छत्तीसगढ़ियों के स्वाभिमान, हक, अधिकार का हनन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ियों की रक्षा हेतु क्रान्ति सेना निस्वार्थ काम कर रही है। वहीं छल, कपट, शोषण, अत्याचार, दमनकार्यों को निपटाने का काम किया जा रहा है और आगे भी संगठन यह काम करती रहेगी।

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