मुंगेली बिग-ब्रेकिंग…DMF फंड में भयंकर घोटाला…शीर्ष अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध…जनपद CEO, इंजीनियर, RES SDO, PWD, भूमाफिया सबकी मिलीभगत…जांच को किया जा रहा प्रभावित…7 माह पूर्व ACB का कलेक्टर को आया पत्र…जिला प्रशासन ने नहीं की कोई कार्यवाही…CM को भेजा गया रिमांडर…

• कलेक्टर के अधीनस्थ अधिकारी ही कलेक्टर से छिपा रहे मामले की जानकारी और उच्चाधिकारियों के पत्रों की जानकारी…

• कलेक्टर कार्यालय के शिकायत शाखा की गंभीर लापरवाही…

मुंगेली । मुंगेली में भ्रष्टाचार चरम पर हैं, कई विभागों के भ्रष्टाचारों को पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खुलासा भी किया हैं, जिसके चलते उन पर बड़ी कार्यवाही भी हुई हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव का गृह जिला मुंगेली ही हैं, प्रदेश में अरुण साव की जैसी लोकप्रियता बनी हुई हैं, ऐसे में ऐसा लगता हैं कि मुंगेली जिले के अधिकांश विभाग और जिला प्रशासन उनकी लोकप्रियता को खत्म करने लगा हुआ हैं क्योंकि जब किसी भ्रष्टाचार, घोटाले या अनियमितताओं का जिक्र मुंगेली में होता हैं, और शिकायत के बाद भी कार्यवाही करने की बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया जाता हैं तो ऐसे में प्रदेश में मुंगेली का नाम खराब होगा हैं, क्योंकि सत्तापक्ष में उपमुख्यमंत्री के रूप में अरुण साव मुंगेली जिले से है यह सभी जानते हैं।
मुंगेली में डीएमएफ मद में घोटाले और अधिकारियों के अपने पद के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया हैं, मुंगेली शहर के नगर पालिका क्षेत्र के दीनदयाल वार्ड स्थित सोनकर सेल्स अवैध कालोनी में ग्राम पंचायत करही ने डीएमएफ मद राशि का दुरुपयोग करते हुए लाखों की सड़क की सड़क बना दी हैं जो कि गैरकानूनी हैं।

इन अधिकारियों की हैं भूमिका…

इस पूरे भ्रष्टाचार में जिले के शीर्ष अधिकारियों से लेकर पटवारी तक की भूमिका हैं, उक्त मामले में प्रशासकीय स्वीकृति 21/08/2023 को तत्कालीन कलेक्टर सह अध्यक्ष प्रबंध कार्यकारिणी समिति जिला खनिज संस्थान न्यास जिला मुंगेली द्वारा दी गई हैं, एवं कार्यादेश सीईओ जनपद पंचायत मुंगेली द्वारा दी गई हैं तथा तकनीकी प्रतिवेदन उपअभियंता, तकनीकी सहायक जनपद पंचायत मुंगेली, उपयोगिता (पूर्णता) प्रमाण पत्र उपअभियंता जनपद, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगेली और अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मुंगेली द्वारा दी गई हैं इसके अलावा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जनपद के उपअभियंता और एसडीओ आरईएस द्वारा दी हैं और नक्शा पटवारी आशीष भोई द्वारा बनाया गया हैं, और जिस जमीन में यह अवैध निर्माण किया गया हैं वह एक भूमाफिया का हैं, जबकि नगर पालिका ने लिखित में यह जानकारी दी हैं कि यह सोनकर सेल्स कालोनी अवैध हैं।

PMO, CMO, ED, ACB-EOW,   मुख्य सचिव, संभागायुक्त से हुई शिकायत…

मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, एंटी करप्शन ब्यूरो, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मुख्य सचिव और संभागायुक्त से शिकायत करते हुए दोषी अधिकारियों व भूमाफिया के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने कहा गया हैं। मुख्यमंत्री को स्मरण पत्र भी भेजा गया हैं।
शिकायत में स्वतंत्र तिवारी ने बताया कि मुंगेली नगर पालिका परिषद् क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सोनकर सेल्स अवैध कालोनी में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि का दुरूपयोग कर शासन को भारी क्षति पहुंचाई गई हैं। मुंगेली जिले में जिला प्रशासन के शीर्ष व जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के मद से ग्राम पंचायत करही द्वारा 14.98 लाख की लागत से मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 22 दीनदयाल वार्ड में स्थित अवैध कालोनी में निजी भूमाफिया की जमीन पर मुख्य मार्ग डायग्नोसिस सेंटर वाली गली में सीमेंट कांक्रीटीकरण सड़क (सीसी रोड) निर्माण कार्य कराया गया हैं जो नियम-कानून का घोर उलंघन हैं।

अवैध कालोनी में शासन की राशियों और पदों का दुरुपयोग…

नगर पालिका क्षेत्र के दीनदयाल वार्ड में स्थित सोनकर सेल्स अवैध कालोनी की श्रेणी में आता हैं, जिसके चलते नगर पालिका ने भी यहां कोई सड़क, नाली का नहीं कराया, तो फिर जिला प्रशासन मुंगेली के जिम्मेदार अधिकारियों, जनपद पंचायत मुंगेली और ग्राम पंचायत द्वारा नियम विरूद्ध व गैरकानूनी रूप से अवैध कालोनी में सड़क निर्माण क्यों कराया गया ? जबकि पूर्व में मुंगेली जिला प्रशासन को अवैध कालोनी में सड़क नाली संबंधी निर्माण कार्य न करने लिखित आवेदन भी दिया जा चुका हैं, क्योंकि सड़क, नाली, बिजली सहित कई मूलभूत सुविधायें कालोनाईजर को नियमानुसार देनी चाहिये।

जानिए क्या हैं नियम…

सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार कार्यालय मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास, जिला-मुंगेली छ०ग० के कमांक-230101488109 मुंगेली दिनांक 21/08/2023 को सीमेंट कांकीटीकरण सड़क निर्माण कार्य (मुख्य मार्ग डायगोसिस सेंटर वाली गली) की 14 लाख 98 हजार की प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किया गया था, जिसमें कार्य एजेंसी पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मुंगेली उल्लेखित था। जबकि कार्यालय मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास, जिला-मुंगेली छ०ग० द्वारा जारी किये गये प्रशासकीय स्वीकृति आदेश के शर्तों की कंडिका 07 में स्पष्ट उल्लेखित हैं कि “स्वीकृत कार्य में भू-अर्जन का कोई प्रावधान नहीं हैं अतएव निर्विवाद शासकीय भूमि में ही कार्य कराया जावे।”

उक्त कंडिका 07 के अनसार इस सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति की ही नहीं जा सकती थी, क्योंकि सड़क निर्माण स्वीकृत स्थल अवैध कालोनी और निजी व्यक्ति के नाम में दर्ज हैं।

ACB-EOW द्वारा कलेक्टर को पत्र भेजने के 7 महीने बाद भी कार्यवाही नहीं….

आपको बता दे कि मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी ने डीएमएफ मद की राशि के घोटाले, अनियमितता और अधिकारियों द्वारा उनके पदों के दुरुपयोग की राज्य के आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो से शिकायत की गई थी, जिसके बाद मुख्यालय आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा अपने पत्र क्रमांक-ब्यूरो/शिकायत/आर-231(25)/एम-6761/2025 रायपुर दिनांक 23/04/2025 के माध्यम कलेक्टर मुंगेली को कहा गया कि शिकायतकर्ता स्वतंत्र तिवारी के द्वारा अनावेदकों संबंधित अधिकारीगण के विरूद्ध के विरूद्ध वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24 व 2024-25 में जिला मुंगेली में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से हुए समस्त कार्यों, निर्माण व मरम्मत कार्यों एवं खरीदियों में भ्रष्टाचार / दुरूपयोग कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के संबंध में शिकायत प्रेषित की गई है। अतः शिकायत के आरोपों के संबंध में तथ्यात्मक प्रतिवेदन ब्यूरो कार्यालय को 15 दिवस के भीतर उपलब्ध कराने का कष्ट करें।
उसके बाद आज 7 महीने हो गए कलेक्टर मुंगेली द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही हैं कि वर्तमान कलेक्टर से इस जानकारी, शिकायत या उच्चाधिकारियों से आये पत्रों के संबंध में अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा छिपाई गई हैं, जिसके चलते उच्चाधिकारियों को प्रतिवेदन नहीं भेजा जा रहा। ऐसा माना जा रहा कि यह मामला वर्तमान कलेक्टर कुंदन कुमार के संज्ञान में आते ही बड़ी कार्यवाही की उम्मीद हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!