आत्मनिर्भरता की मिसाल: रेखा डोडे की प्रेरक सफलता कहानी।

विनय सिंह ब्यूरो बेमेतरा
बेमेतरा ।  जिला बेमेतरा के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम बोरदेही की श्रीमती रेखा डोडे आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की एक उज्ज्वल मिसाल बन चुकी हैं। बिहान योजना से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया, बल्कि अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और उद्यमशीलता के बल पर गांव की कई अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी हैं।

*स्व-सहायता समूह से मिली नई दिशा*
वर्ष 2018 में “सत के फूल” स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद रेखा डोडे के जीवन ने एक नई दिशा पकड़ी। पहले खेती-किसानी और गृहकार्य में व्यस्त रहने वाली रेखा को समूह ने आत्मविश्वास, आर्थिक समर्थन और कौशल विकास का अवसर दिया। वे बताती हैं कि बिहान योजना के माध्यम से प्रशिक्षण और सहयोग ने उन्हें स्वयं पर विश्वास करना सिखाया।

*किराना दुकान और सिलाई सेंटर से बढ़ी आर्थिक प्रगति*
समय के साथ रेखा डोडे ने अपने कौशल और मेहनत को देखते हुए छोटे-से व्यवसाय की शुरुआत करने का निश्चय किया।
मार्च 2025 में उन्हें नॉन–फार्म योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण तथा सीआईएफ मद से 60 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। इस सहयोग से उन्होंने किराना दुकान की शुरुआत की, जो आज गांव में एक विश्वसनीय दुकान बन चुकी है और उन्हें हर माह अच्छी आमदनी हो रही है। इसके साथ ही वे सिलाई सेंटर भी संचालित करती हैं, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त होती है और कई लड़कियों व महिलाओं को सिलाई सीखने का अवसर भी मिल रहा है।

*सरकारी योजनाओं से मिला बड़ा सहारा*
रेखा डोडे को कई शासकीय योजनाओं का लाभ मिला है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास, महतारी वंदन योजना के तहत हर माह 1000 रुपये की सहायता, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर की सुविधा |  इन योजनाओं ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं | आज रेखा डोडे न केवल खुद आत्मनिर्भर हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं कि वे स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक मजबूती और आत्मविश्वास हासिल कर सकती हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि प्रयास और मार्गदर्शन से कोई भी महिला अपने जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।  रेखा डोडे ने कहा मैं पहले एक सामान्य गृहिणी थी, लेकिन बिहान योजना और स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद मुझे अपने जीवन में नई रोशनी मिली। समूह ने मुझे आत्मविश्वास दिया, प्रशिक्षण दिया और आगे बढ़ने का साहस दिया। आज मैं किराना दुकान और सिलाई सेंटर दोनों चला रही हूँ, जिससे मेरे परिवार की आय बढ़ी है और बच्चों की पढ़ाई भी आसानी से हो पा रही है। आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि मैं हृदय से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन, बिहान मिशन, और अपने स्व सहायता समूह की सभी बहनों की आभारी हूँ। इन्हीं के सहयोग और समर्थन से मैं आज यह मुकाम हासिल कर पाई हूँ। मेरा प्रयास है कि मेरी तरह गांव की और महिलाएँ भी आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार का सहारा बनें। रेखा डोडे की यह सफलता कहानी बताती है कि संकल्प, निरंतर प्रयास और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग जीवन बदल सकता है।

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