सुशासन सप्ताह शिविर: “प्रशासन गाँव की ओर” के तहत नवागढ़ में जनसेवाओं का प्रभावी आयोजनसतनाम भवन नवागढ़ में आयोजित शिविर में 89 आवेदनों का हुआ पंजीयन, टीबी मुक्त पंचायतों को मिला सम्मान

रिपोर्टर / विनय सिंह ब्यूरो बेमेतरा

बेमेतरा राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन सप्ताह के अंतर्गत “प्रशासन गाँव की ओर” 19 से 25 दिसम्बर 2025 तक के अभियान के तहत आज नवागढ़ अनुविभाग अंतर्गत सतनाम भवन, नवागढ़ में एक दिवसीय शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा | शिविर में श्री खोरबाहरा साहू (अध्यक्ष, जनपद पंचायत नवागढ़), श्रीमती माया बारले (उपाध्यक्ष, जनपद पंचायत नवागढ़), अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नवागढ़, धनलाल देशलहरे (अध्यक्ष, नगर पंचायत मारो) सहित जनपद सदस्यगण, ब्लॉक स्तरीय अधिकारीगण एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता की।

विभागीय योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं उद्बोधन के साथ किया गया। इसके पश्चात विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग की योजनाओं, सेवाओं एवं लाभों की जानकारी उपस्थित जनसमूह को दी गई, जिससे ग्रामीणजन शासकीय योजनाओं से अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें।

शिविर मे 89 आवेदनों का हुआ पंजीयन
शिविर के दौरान राजस्व, पंचायत, खाद्य, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 89 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही कई मामलों में मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।

टीबी मुक्त पंचायतों को मिला सम्मान
स्वास्थ्य विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली 7 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान पंचायतों द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता एवं टीबी उन्मूलन में किए गए सराहनीय प्रयासों का प्रतीक रहा।

उज्ज्वला योजना अंतर्गत गैस कनेक्शन वितरण
खाद्य विभाग द्वारा शिविर के दौरान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 3 पात्र हितग्राहियों को गैस कनेक्शन का वितरण किया गया, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। “प्रशासन गाँव की ओर” अभियान के तहत आयोजित यह शिविर शासन और जनता के बीच सेतु बनकर सामने आया। इस प्रकार के शिविरों से ग्रामीण नागरिकों को घर के समीप ही शासकीय सेवाएँ उपलब्ध हो रही हैं, जिससे सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।

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