रायपुर । ज्योतिष और वास्तु को लेकर फैली भ्रांतियों पर विराम लगाते हुए सेलेस्ट्रियल इनसाइट की संस्थापक एवं वरिष्ठ ज्योतिष–वास्तु सलाहकार एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि ज्योतिष और वास्तु को अंधविश्वास के बजाय जीवन प्रबंधन के व्यावहारिक माध्यम के रूप में समझा जाना चाहिए। वे शनिवार को रायपुर स्थित धर्म निरंजन धर्मशाला में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थीं। प्रेस वार्ता के दौरान एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने बताया कि ज्योतिष और वास्तु एक-दूसरे के पूरक हैं। ज्योतिष व्यक्ति के जीवन में चल रहे समय और ग्रह दशाओं को दर्शाता है, जबकि वास्तु उस वातावरण को नियंत्रित करता है जिसमें व्यक्ति रहता और कार्य करता है। यदि किसी व्यक्ति की ग्रह दशा अनुकूल नहीं है, लेकिन वह वास्तु-संतुलित घर या कार्यस्थल में रहता है, तो नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कम हो जाते हैं। सही वास्तु व्यक्ति को मानसिक स्थिरता, सकारात्मक सोच और बेहतर निर्णय क्षमता प्रदान करता है।


विज्ञान और अंधविश्वास की बहस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि दिशाओं, प्रकाश, खुलापन और ऊर्जा संतुलन का मानव मनोविज्ञान पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उत्तर-पूर्व जैसी दिशाओं में प्राकृतिक प्रकाश और ऊर्जा का सकारात्मक असर व्यक्ति की कार्यक्षमता और मानसिक शांति को बढ़ाता है। इसी प्रकार ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के व्यवहार, भावनात्मक संतुलन और निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करती है, जिसे अनुभव और तार्किक विश्लेषण से समझा जा सकता है। आधुनिक शहरी जीवन की चुनौतियों पर बोलते हुए एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि आज अधिकांश लोग फ्लैट या किराए के मकानों में रहते हैं, जहां तोड़-फोड़ संभव नहीं होती। ऐसे में बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के भी प्रभावी वास्तु उपाय किए जा सकते हैं। फर्नीचर की सही दिशा, संतुलित रोशनी, रंगों का उचित चयन और दैनिक उपयोग की दिशा में छोटे बदलाव भी जीवन में सकारात्मक परिणाम ला सकते हैं। भाग्य और कर्म की भूमिका पर उन्होंने कहा कि जीवन पूरी तरह सितारों में लिखा हुआ नहीं होता। ग्रह दशाएं, वातावरण और व्यक्ति के कर्म—तीनों मिलकर जीवन की दिशा तय करते हैं। वास्तु वातावरण को अनुकूल बनाता है, जिससे व्यक्ति सही प्रयास और कर्म कर पाता है। इस तरह वास्तु भाग्य बदलने का दावा नहीं करता, बल्कि बेहतर अवसरों के लिए व्यक्ति को तैयार करता है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने ज्योतिष और वास्तु के नाम पर बढ़ते ढोंग से भी लोगों को सावधान किया। एस्ट्रो रिंकू अग्रवाल ने कहा कि जो लोग डर दिखाकर महंगे रत्न, यंत्र या त्वरित चमत्कार का वादा करते हैं, उनसे दूरी बनाए रखना चाहिए। वास्तविक विशेषज्ञ हमेशा समस्या का तार्किक विश्लेषण करता है और व्यावहारिक समाधान सुझाता है। उन्होंने कहा कि आज समाज को डर पर नहीं, बल्कि समाधान और संतुलन पर आधारित ज्योतिष और वास्तु की आवश्यकता है।

The News Related To The News Engaged In The “The R Bharat” Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.
