मुंगेली । जनपद पंचायत मुंगेली में पदस्थ उप-अभियंता सोनल जैन द्वारा विभागीय अधिकारियों पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने जिले के प्रशासनिक ढांचे को झकझोर कर रख दिया है। जैन ने जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी प्रभाकर पाण्डेय, जनपद पंचायत सीईओ राकेश साहू सहित अन्य अधिकारियों पर लगातार कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव बनाने, प्रताड़ित करने और मानसिक रूप से परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आते ही जनपद कार्यालय में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
सूत्रों के अनुसार, सोनल जैन पिछले कई महीनों से कार्यालय के वातावरण को लेकर असहज थीं। उनका आरोप है कि बिना किसी उचित कारण के फाइलों को रोका जाता था, अनावश्यक आपत्तियाँ लगाई जाती थीं और बैठकों में ऐसे सवाल पूछे जाते थे जिनका उद्देश्य केवल दबाव बनाना था। जैन ने दावा किया कि इस रवैये के चलते वे मानसिक रूप से तनावग्रस्त हो गई थीं। कई बार उन्होंने यह बात अपने सहकर्मियों के साथ भी साझा की थी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
कर्मचारियों के एक वर्ग ने भी माना कि पिछले कुछ समय से कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण था और कर्मचारियों के बीच असंतोष का वातावरण बना हुआ था। सोनल जैन के आरोप सामने आने के बाद यह असंतोष अब खुलकर दिखने लगा है। पंचायत कर्मियों और कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। उनका कहना है कि किसी भी कर्मचारी को कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना देना गंभीर अपराध है और यदि आरोप सत्य साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच, स्रोतों से मिली जानकारी के अनुसार मानसिक तनाव के चलते सोनल जैन ने अत्यंत भावुक कदम उठाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक पत्र में कई अधिकारियों के नाम दर्ज कर अपने खिलाफ हो रही कार्रवाई और व्यवहार का उल्लेख किया है। इसी तनाव की स्थिति में उन्होंने फिनाइल पीने का प्रयास किया, जिसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिला अस्पताल मुंगेली के सिविल सर्जन डॉ. एम. के. राय ने बताया, “सोनल जैन, उप अभियंता जनपद पंचायत मुंगेली, आज अस्पताल में भर्ती हुई हैं। प्रथम जांच में उन्होंने फिनाइल पीने की बात कही। उनका इलाज जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।”
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आने लगी हैं। युवा कांग्रेस मुंगेली के जिला अध्यक्ष राजेश छैदईया ने बयान जारी करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ में दादागिरी का राज आ गया है। जैसा कि हम सुसाइड नोट में पढ़ते हैं, उसमें साफ लिखा है कि लगातार दबाव बीजेपी नेताओं और अधिकारियों द्वारा बनाया गया, जिसके कारण यह कदम उठाना पड़ा। हम जिला प्रशासन और शासन से मांग करते हैं कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। पूरा कांग्रेस परिवार पीड़ित के साथ है और न्याय मिलने तक साथ रहेगा।”


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