• पिछले 7 सालों से एसईसीएल तथा अन्य विभाग के जिम्मेदार एवं जवाबदार अधिकारियों के सांठ–गांठ से ठेका श्रमिकों के साथ किया शोषण.

जावेद अली आजाद/ ब्यूरो प्रमुख छत्तीसगढ़ राज्य
न्यायधानी बिलासपुर । एसईसीएल में कार्यरत ठेका मजदूरों का बायोमैट्रिक अटेंडेंस, सेफ्टी सुरक्षा,अवकाश तथा शासन से मजदूरों के हित में जो भी योजना बनाई गई है, जिससे ठेका मजदूर वंचित है उन सभी योजनाओं से संबंधित किए गए शोषण,अत्याचार व भ्रष्टाचार को शीघ्र ही करेंगे उजागर।
इसी प्रकार सीएमपीएफ तथा ईपीएफओ की राशि एसईसीएल तथा अन्य विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों के सांठगांठ से समय पर भुगतान नहीं किए जाने तथा अधिकारियों के द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की दावा किए जाने वाली खबर प्राप्त हुई है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मजदूरों ने दावा किया है कि उच्च अधिकारियों के द्वारा पिछले 07 सालों से उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगवाया जा रहा है, जिस दौरान अपना कार्य करवाने को लेकर उच्च अधिकारीयों ने अपने कार्यालय पर ही 10,000 से 2,00000 लाख रुपयों की मांग की, जिस संबंध में कुछ गरीब मजदूरों ने अधिकारीयों के सामने विनती करते हुए गिड़गिड़ाता रहा कि मैं गरीब मजदूर हूं। रोजी-रोटी के लिए मजदूरी का काम करता हूं और अपने परिवार और खुद का पालन–पोषण बहुत मुश्किल से करता हूं। फिर भी अधिकारीयों ने मजदूरों की एक बात नहीं सुनी और मजदूरों से जबरदस्ती 7,000 रुपए नगद (रिश्वत) ली गई। इससे पूर्व भी ठेका मजदूरों के साथ अत्याचार और शोषण करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों ने लाखों रुपए रिश्वत लेने का ठेका श्रमिकों ने गंभीर आरोप लगाया है। जिस संबंध में पुष्टि होने दौरान तमाम रिश्वतखोर व अवैध उगाही करने वाले उच्च अधिकारियों का नाम उजागर और साक्ष्य सबूतों के साथ निष्पक्ष ख़बर प्रकाशित किया जाएगा। जिससे कि भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी पर लगाम लग सके तथा दोषी और आरोपी उच्च अधिकारियों के ऊपर न्यायधानी में कड़ी कानूनी कार्यवाही हो सके। आगे की निष्पक्ष ख़बर जानने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।

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